दंतेवाड़ा में TRIBL TALENT 14 नवम्बर को

केन्द्रीय विज्ञान और तकनीकी राज्यमंत्री श्री वाय.एस. चौधरी होंगे मुख्य अतिथि
दंतेवाड़ा की इमली, शहद, जैविक चावल, टोरा तेल और कड़कनाथ के व्यापार से जुडे़ंगे आदिवासी युवा
आदिवासी युवाओं के कौशल विकास और वनोपजों की खेती के लिए होगा अनुबंध

रायपुर, 06 नवम्बर 2017, प्रदेश के नक्सल हिंसा पीड़ित दंतेवाड़ा जिले के आदिवासी युवाओं को इमली, शहद, जैविक चावल, टोरा तेल (महुआ बीज) जैसी वनोपजों और कड़कनाथ मुर्गे के व्यापार में प्रोत्साहित करने के लिए इस माह की 14 तारीख को दंतेवाड़ा की एजुकेशन सिटी में आदिवासी उद्यमिता सम्मेलन (ट्रायबल इंटरप्रोन्योर्स समिट) का आयोजन किया जाएगा। जिसमें केन्द्रीय विज्ञान और तकनीकी राज्यमंत्री श्री वाय.एस. चौधरी मुख्य अतिथि होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज रात यहां अपने निवास पर इस सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, ग्लोबल बिजनेस इन्क्यूबेटर के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास गोगिनिनी, भारत के ऑपरेशनल डायरेक्टर श्री सपन सिद्धार्थ और छत्तीसगढ़ के ऑपरेशनल डायरेक्टर श्री कार्तिक भी इस अवसर पर उपस्थित थे।




मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमिताभ कांत भी इस सम्मेलन में वीडियो कॉल के जरिए युवाओं से बातचीत करेंगे। इस सम्मेलन का आयोजन नीति आयोग और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्लोबल बिजनेस इन्क्यूबेटर कंपनी के सहयोग से किया जा रहा है। इस सम्मेलन में केन्द्रीय खाद्य तकनीकी अनुसंधान संस्थान (सेन्ट्रल फूड टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट), सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिशन एरोमेटिक प्लांट्स और डिफेंस फूड ऑर्गेनाईजेशन की भागीदारी भी होगी। ये संस्थान आदिवासी उद्यमियों के कौशल विकास और तकनीकी सहयोग में मदद करेंगे। इस समिट में कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, बिहार, ओडिशा, केरल, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के 100 आदिवासी उद्यमी भी शामिल होंगे। कलेक्टर दंतेवाड़ा श्री सौरभ कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा इस सम्मेलन के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।




सम्मेलन में आदिवासी युवाओं के कौशल विकास और वनोपजों की अनुबंध खेती के लिए दो अनुबंध भी किए जाएंगे। आदिवासी युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए 3800 युवाओं के समूह का गठन किया गया है। ग्लोबल बिजनेस इन्क्यूबेटर कंपनी द्वारा इन युवाओं को वनोपजों के व्यापार के लिए प्रशिक्षण, वित्तीय और तकनीकी सहायता के साथ-साथ वनोपजों से तैयार उत्पादों की मार्केटिंग के लिए सहायता भी दी जाएगी। कंपनी द्वारा दंतेवाड़ा में उत्पादित जैविक चावल के प्रमाणीकरण, शहद और टोरा के तेल को रिफाईन करने, इमली का पेस्ट तैयार करने और इन उत्पादों की ब्रांडिंग करने में सहायता दी जाएगी और इन उत्पादों को आस-पास के राज्यों में अच्छा बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। कंपनी के अध्यक्ष श्री गोगिनिनी ने मुख्यमंत्री को बताया कि हैदराबाद में इस माह की 28 से 30 तारीख तक नीति आयोग और भारत सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इंटरप्रोन्योरस समिट में दंतेवाड़ा के आदिवासी उद्यमी भी शामिल होंगे।



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