बृजमोहन ने किया “पिता छांव वट वृक्ष की” का विमोचन

रायपुर 19 जून 2017, फादर्स डे के पर पिता पर केंद्रित पुस्तक “पिता छांव वट वृक्ष की” का विमोचन करते हुए प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह सच है कि लेखकों ने मां को अधिक महत्व देते हुए उनकी महत्ता पर ज्यादा बातें लिखी है। परंतु यह भी एक सच है माता और पिता दोनों ही अपनी अपनी जगह हमारे आधार स्तंभ हैं। माँ हमारी भक्ति है तो पिता हमारी शक्ति है । इन दोनों के आशीर्वाद से ही हमारे जीवन की  सफलता तय होती है।
लेखक राजेश जैन राही की 365 दोहों की इस रचना का विमोचन समारोह सिविल लाइन के वृंदावन हॉल में संपन्न हुआ।  इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर, लेखक पत्रकार गिरीश पंकज, कवि राजेश्वर वैष्णव विशेष रुप से उपस्थित थे।
इस मौके पर बृजमोहन ने कहा कि भारत की पहचान यहा की परिवार संस्कृति रही है। जिसे पिता जोड़कर रखते थे। परंतु आज परिवार निरंतर बिखरता दिखाई दे जाता है। परिवार संस्कृति का क्षरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि माता पिता अपने बच्चों की खुशियों के लिए जीवनभर त्याग करते हैं, कष्ट सहते है। वे बड़ी उम्मीदों के साथ अपने बच्चों की शिक्षा दीक्षा और उनके उज्जवल भविष्य का निर्माण करते रहे, आज वह मां-बाप वृद्धाश्रम में दिखाई दे रहे हैं। हमारी भारतीय संस्कृति में वैसे तो फादर्स डे का महत्व नहीं है, क्योंकि हमारी संस्कृति  हर दिन माता पिता को पूजने की सीख देती है। आज  अपनी जड़ों की ओर लौटने की आवश्यकता है।

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