कम वर्षा वाले क्षेत्रों में मनरेगा के तहत रोजगार देने प्रस्ताव तैयार रखें: श्री अजय चन्द्राकर

पंचायत मंत्री की अध्यक्षता में विभागीय काम-काज की समीक्षा

रायपुर, 09 अगस्त 2017. पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में श्री चन्द्राकर ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, पंचायती राज, सासंद आदर्श ग्राम योजना और रूर्बन मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में श्री चन्द्राकर ने इन योजनाओं के तहत निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में श्री चन्द्राकर ने मनरेगा के तहत कार्यरत मजदूरों के भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को आधुनिकतम तकनीकी सुविधाओं का भरपूर इस्तेमाल करने के लिए कहा। श्री चन्द्राकर ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा नहीं हो रही है, वहां जरूरत के मुताबिक रोजगार की तत्काल उपलब्धता के लिए मनरेगा के तहत कार्ययोजना संबंधी प्रस्ताव तैयार रखने के निर्देश दिए।
श्री चन्द्राकर ने बैठक में दीनदयाल अन्त्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन‘‘ बिहान’’ की भी समीक्षा की। इसके तहत राज्य मंे अब तक लाभाविन्त परिवारों की संख्या छह लाख 48 हजार से अधिक हैं। इसमें ग्रामीण गरीब परिवारों के महिलाओं को स्व-सहायता समूह के माध्यम से विकास की मुख्य धारा से जोड़ना और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए उनकी गरीबी को दूर करना है। साथ ही इन्हें सक्षम और प्रभावशाली संस्थागत मंच पद्रान कर उनकी आजीविका में निरंतर वृद्धि करना हैै। श्री चन्द्राकर ने हमर छत्तीसगढ़ योजना की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि योजना तहत अब तक 85 हजार जनप्रतिनिधि रायपुर, और नया रायपुर के अध्ययन भ्रमण पर आ चुके है। इसमें सभी सत्ताइस जिलों और 146 विकासखण्डों के पंचायत प्रतिनिधि शामिल है। दो साल की इस योजना में लगभग दो लाख निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नया रायपुर अध्ययन भ्रमण कराने की योजना है।
श्री चन्द्राकर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। राज्य में वर्तमान में योजना के तहत सात हजार 144 सड़कें स्वीकृत है, इनकी कुल लम्बाई 32 हजार 132 किलोमीटर है। इसमें अब तक 27 हजार 180 किलोमीटर लम्बाई के छह हजार 458 सड़कों को पूर्ण कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि श्यामाप्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के अंर्तगत प्रदेश में पांच वर्षों के भीतर 300 क्लस्टरों के विकास का लक्ष्य है। जिसमें शहरी मानी जाने वाली सुविधाओं से युक्त गांवों के क्लस्टर को रूर्बन गांव के रूप में विकसित किया जाना है। इन गांवों के आधारभूत सुविधाओं में वृद्धि करने सहित योजनाबद्ध तरीके से इनके विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के.राउत, सचिव श्री पी.सी.मिश्रा, संचालक पंचायत श्री एस.के. जायसवाल, संचालक राज्य स्वच्छ भारत मिशन श्री विलास राव संदीपन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रबंध संचालक श्रीमती रितु सेन, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के नोडल अधिकारी श्री शिव अंनत तायल, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राकेश चतुर्वेदी सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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