ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन पर राष्ट्रीय कार्यशाला

कचरा प्रबंधन में ग्राम पंचायतों के साथ ग्रामीणों की भागीदारी भी जरूरी: श्री अजय चंद्राकर
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर आज यहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा ‘स्वच्छ और सुरक्षित गांव’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। श्री चन्द्राकर ने शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ओ.डी.एफ.(खुले में शौच मुक्ति) के बाद ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए किया जा रहा प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि गांवों में कचरा प्रबंधन के लिए ग्राम पंचायतों सहित स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी भी बहुत जरूरी है। श्री चन्द्राकर ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के गांवों में 85 प्रतिशत स्वच्छता कव्हरेज है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के पहले केवल पांच प्रतिशत था। यह लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता का परिणाम है। श्री चन्दाकर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा यह प्रसन्नता का विषय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व- सहायता समूहों की महिलाएं स्वच्छता अभियान से सीधे जुड़ रहीं और स्वच्छता के प्रति ग्रामीणों को प्रेरित कर रही है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के. राउत ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। श्री राउत ने बताया कि केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में यह पहला आयोजन है, जहां सोलह राज्यों के प्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरह अपशिष्ट प्रबंधन और निपटान के संबंध मंे गहन विचार विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश स्वच्छता की ओर अग्रसर है। शौचालय निर्माण के बाद उसकी उपयोगिता और स्वच्छता के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांवों मंे ओ. डी. एफ. के बाद कचरा प्रबंधन में बिहान की महिलाओं को प्राथमिकता के तौर पर लिया जाएगा। इसके लिए महिला सदस्यों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कचरा प्रबंधन से रोजगार विकसित करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। श्री राउत ने बताया कि इस कार्यशाल में देश के सोलह राज्यों जिसमें सिक्किम, गोवा, केरल, कर्नाटक, तेलांगाना, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, तमिलनाडू, बिहार झारखंड, मध्यप्रदेश, उत्तरपद्रेश और छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक अधिकारी, केन्द्रीय ग्रामीण आजीविकास मिशन के अधिकारी, यूनिसेफ, एन.आई.आर.डी. हैदराबाद और वॉटर शेड के प्रतिनिधि कार्यशाला में हिस्सा ले रहे।
कार्यशाला में अम्बिकापुर में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में एक लघु फिल्म दिखाई गई। 20 जून को अम्बिकापुर भ्रमण कर स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कचरा प्रबंधन का अध्ययन किया। इस दौरान प्रदेश में सांसद आदर्श ग्राम योजना और विधायक आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों मंे हो विकास कार्यों का भी अवलोकन किया। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि ने यहां के कचरा प्रबंधन पर किए जा रहे कार्य की प्रशंसा की और अपने राज्यों में इस मॉडल पर काम करने की बात कही। कार्यशाला में राष्ट्रीय  ग्रामीण आजीविका मिशन की संचालक श्रीमती ऋतु सेन, स्वच्छ भारत मिशन के मिशन संचालक श्री बिलास राव संदीपन सहित अन्य संबंधित अधिकारी और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राज्य  ग्रामीण आजीविका मिशन(बिहान) के अपर मिशन संचालक श्री सुरेश त्रिपाठी ने किया।

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