राजधानी से ग्राम पंचायतों तक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी


  • राज्य में 50 लाख लोगों का सामूहिक योग प्रदर्शन 
  • गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करवाने का लक्ष्य
  • हर जिले में एक बगीचे को मिलेगा ‘योग उद्यान’ का दर्जा 
  • राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को दिए दिशा-निर्देश
  • पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान और जेलों के कैदी भी करेंगे योग

रायपुर, 16 जून 2017/ तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर से लेकर ग्राम पंचायतों तक उत्साह के साथ चल रही हैं। इस महीने की 21 तारीख को प्रदेश भर में योग प्रशिक्षण, योग अभ्यास और प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। समाज कल्याण तथा खेल और युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा ने मंत्रालय (महानदी भवन) से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को परिपत्र भेजकर तैयारी के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। 
श्री बोरा ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप योग दिवस पर छत्तीसगढ़ में पचास लाख लोगों को सामूहिक योग अभ्यास से जोड़ने का लक्ष्य है। जिला कलेक्टरों को भेजे गए परिपत्र में कहा गया है कि ऐसा प्रयास किए जाए जिससे प्रत्येक जिले में जनसंख्या के कम से कम 25 प्रतिशत लोग 21 तारीख को सवेरे 7 से 8 बजे तक निर्धारित स्थलों में आकर योग शिविरों में शामिल हो सके। छत्तीसगढ़ में योग दिवस में शामिल होने वालों की संख्या का दस्तावेजीकरण करते हुए इसे लिमका बुक ऑफ रिकार्ड गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नगरीय निकायों को समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने हर जिले में एक मनोरम उद्यान को ‘योग उद्यान’ घोषित करने का निर्णय लिया है, जहां योग मुद्रा की मूर्ति स्थापित की जाएगी। योग दिवस के मौके पर प्रत्येक योग स्थल पर एक नोडल अधिकारी और एक पर्यवेक्षक भी तैनात किए जाएंगे।
समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री बोरा ने बताया कि योग दिवस के पहले सभी जिलों में जिला मुख्यालयों, विकासखण्ड मुख्यालयों, ग्राम पंचायत मुख्यालयों, नगरीय निकायों तथा सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थानों - स्कूल, कॉलेजों, आश्रम शालाओं, छात्रावासों, सामुदायिक आदि में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। परिपत्र में योग दिवस के कार्यक्रमों में संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्रियों अन्य मंत्रीगणों, सासंदो, विधायकों, निगम मंडलों के अध्यक्षों, जिला पंचायतों, जनपद पंचायतों के अध्यक्षों और सदस्यों, नगरीय निकायों के महापौर अध्यक्ष, केन्द्र सरकार तथा राज्य शासन द्वारा विभिन्न अलंकरणों से सम्मानित नागरिकों और खिलाड़ियों सहित पत्रकारों, साहित्यकारों, कलाकारों, व्यापारियों, किसानों, कर्मचारियों छात्र-छात्राओं और सेवानिवृत्त अधिकारियों सहित समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि योग दिवस के दिन जेलों में कैदियों को भी योगाभ्यास कराया जाएगा। होमगार्ड, पुलिस, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल एवं अन्य सुरक्षा बलों के जवानों को भी 21 जून को सामूहिक योग अभ्यास कराया जाएगा। इसके लिए सामान्य अभ्यासक्रम पुस्तिका के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।  जिला कलेक्टरों से यह भी कहा गया है कि ऐसे प्रयास किए जाए कि  योग प्रशिक्षण और योग प्रदर्शन के लिए व्यवहार में आने वाली सामग्री जैसे - आसन (दरी)/चादर का उपयोग स्थानीय मटेरियल एवं स्थानीय-बुनकर, स्व-सहायता समूह, स्वरोजगारी, दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पाद का उपयोग अधिक से अधिक किया जाए। 
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About Sanjeeva Tiwari

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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