कुम्हारों की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मंडलों , किसानों और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की 
रायपुर, 22 जून 2017, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अदालतों के आदेश के बावजूद कुम्हारों की पांच एकड़ भूमि पर कुछ लोगों का अवैध कब्जा विगत लगभग दस वर्षों से जारी रहने की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आज सवेरे यहां अपने निवास परिसर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बेमेतरा जिले के ग्राम ओटेबंद से आए कुम्हारों को इस प्रकरण में जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया और कलेक्टर को त्वरित कार्रवाई तथा निराकरण के निर्देश दिए। यह गांव कुम्हारों की मूर्तिकला के लिए काफी प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री ने उनकेे ज्ञापन पर बेमेतरा जिले के कलेक्टर को शिकायत का त्वरित निराकरण करने के निर्देश जारी किए। कुम्हारों का कहना था कि उन्हें अपने परम्परागत व्यवसाय और जीवन-यापन के लिए भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 (2) के तहत सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कुम्हार समाज को यह भूमि दी गयी थी। तहसीलदार द्वारा 31 जुलाई 2007 को कुम्हार समाज के लिए इसे सुरक्षित किया गया था, लेकिन कुछ लोग इस भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती कर रहे हैं। इसके फलस्वरूप ग्यारह कुम्हार परिवार मिटटी शिल्प का अपना व्यवसाय नहीं कर पा रहे हैं। कुम्हारों ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि विगत 11 वर्षों में तहसीलदार, जिला न्यायालय और आयुक्त न्यायालय का फैसला भी कुम्हार समाज के पक्ष में आया है, फिर भी उन्हें कब्जा नहीं मिल रहा है। 
जनदर्शन में राजधानी रायपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आए विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मंडलों, किसानों, श्रमिकों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। डॉ. सिंह को जनदर्शन में विकासखंड बोड़ला (जिला कबीरधाम) के ग्राम कांपा से आए आवेदकों ने ज्ञापन सौंपकर बताया कि वर्ष 2011 की आर्थिक गणना में कांपा ग्राम पंचायत के वार्ड नम्बर तीन, चार और पांच के लगभग 200 आवासहीन गरीब परिवारों के नाम छूट गए हैं। इसके फलस्वरूप उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापन पर कलेक्टर कबीरधाम को त्वरित परीक्षण करने के निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के ग्राम गायलंुगा की सरपंच श्रीमती मालती प्रधान की ओर से जनदर्शन में प्राप्त ज्ञापन में वहां स्टाप डेम बनवाने के प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दिया। डॉ. सिंह ने बालोद जिले के ग्राम पंचायत रानीतराई की सरपंच श्रीमती उर्मिला साहू की मांग पर उनकी पंचायत में सड़क निर्माण कार्य की मंजूरी दी। मुख्यमंत्री को बालोद जिले के ही ग्राम मुढ़िया (जनपद पंचायत डौडीलोहारा) के सरपंच श्री भूपेश नायक और ग्रामीणों द्वारा ज्ञापन सौंपकर बताया गया कि गांव में तीन तालाब हैं, लेकिन गर्मियों में उनका पानी काफी गाढ़ा और हरे रंग का हो जाता है। इस पानी में नहाने पर लोगों को त्वचा से संबंधित बीमारियां होती है। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि खरखरा जलाशय की नहर से पक्की नाली बनाकर ग्राम मुढ़िया के तीन तालाबों को निस्तारी के लिए पानी दिया जा सकता है। इससे गर्मियों में लोगों को काफी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापन पर कलेक्टर बालोद को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए। किसान क्रांति महासंघ के प्रतिनिधि मंडल ने जनदर्शन में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर राजधानी रायपुर के नजदीक भाठागांव के चारबाड़ी (क्रमांक-63) के 34 किसानों को स्थायी भूमि स्वामी अधिकार दिलाने का आग्रह किया। प्रतिनिधि मंडल का कहना था कि ये किसान उस भूमि पर विगत बीस वर्षों से काबिज हैं। न्यायालय से भी किसानों के पक्ष में फैसला आया है। प्रतिनिधि मंडल ने भाठागांव के किसानों को साग-सब्जियों की खेती के लिए सोलर सिंचाई पम्प दिलाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिया।
Share on Google Plus

About Sanjeeva Tiwari

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
    Blogger Comment
    Facebook Comment
इस समाचार को छत्‍तीसगढ़ी में पढ़ें ..