मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग: जिला कलेक्टरों की बैठक : हरियर छत्तीसगढ़: राज्य में इस बार नौ करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

योग दिवस में 50 लाख लोगों को योग से जोड़ा जाएगा 

स्वच्छ पर्यावरण के लिए जिलों में भी विकसित होंगें ऑक्सीजोन
हर जिले में नागरिकों को निःशुल्क दिए जाएंगे फलदार पौधे
लोगों को बेटियों और प्रियजनों के नाम पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा
रायपुर, 12 जून 2017

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत प्रदेश इस वर्ष मानसून के दौरान जुलाई-अगस्त में होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रमों में नौ करोड़ पौधे लगाने और 21 जून को आयोजित किए जा रहे तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दौरान छत्तीसगढ़ में 50 लाख लोगों को योग से जोड़ने का लक्ष्य भी घोषित किया है। मुख्यमंत्री आज शाम यहां अपने निवास कार्यालय वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सभी संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों की बैठक ले रहे थे।
डॉ. सिंह ने बैठक में मानसून के दौरान किसानों के लिए खाद और बीज की समुचित व्यवस्था बनाए रखने, निजी क्षेत्र में नकली खाद के कारोबार पर अंकुश लगाने, लोक सुराज अभियान 2017 के तहत निपटारे के लिए शेष रह गए आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण और बारिश में संभावित मौसमी बीमारियों की समय पूर्व रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने जैसे विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा - प्रदेश के सभी जिलों में आम जनता को घरों की खाली जमीन पर फलदार पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए हर जिले में जनपद पंचायत कार्यालयों, तहसील कार्यालयों और वन मंडल कार्यालयों में मानसून के दौरान एक जुलाई से 15 अगस्त तक हर सप्ताह कम से कम एक दिन तय करके वहां नागरिकों को जिले में उपलब्ध फलदार पौधों की संख्या के आधार पर निःशुल्क फलदार पौधे दिए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को ये पौधे बेटियों के नाम पर अथवा अपने परिजनों और प्रियजनों के नाम पर लगाने और उनकी अच्छी देख-भाल करने के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए। डॉ. सिंह ने जिला कलेक्टरों को हर जिले में खाली जमीन चिन्हांकित करने और स्वच्छ पर्यावरण की दृष्टि से ऑक्सीजोन विकसित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने इस संबंध में राजधानी रायपुर में कलेक्टोरेट के पीछे 19 एकड़ में विकसित किए जा रहे ऑक्सीजोन का उदाहरण दिया और कहा कि अन्य जिलों में भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध खाली शासकीय भूमि पर फेंसिंग करके ऑक्सीजोन विकसित कर अधिक से अधिक संख्या में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएं। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा से और शहरी क्षेत्रों में वन विभाग की कैंपा निधि राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने लगाए जाने वाले पौधों की अच्छी देख-भाल की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने राजनांदगांव में शिवनाथ नदी के दोनों किनारों पर भी जमीन चिन्हांकित करने और ऑक्सीजोन विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों से कहा - जिलों में आयोजित होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रमों में लगाए गए पौधों के फोटोग्राफ्स वाट्सएप गु्रप और फेसबुक पेज पर  शेयर करें और राज्य सरकार को भी भेंजे ताकि अगले वृक्षारोपण से पहले उसकी प्रगति की समीक्षा की जा सके। बैठक में बताया गया कि वन विभाग ने हरियर छत्तीसगढ़ योजना के तहत इस वर्ष मानसून के दौरान मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप नौ करोड़ पौधे लगाने की कार्य योजना तैयार कर ली है। इनमें से सात करोड़ पौधे वन विभाग द्वारा लगाए  जाएंगे और शेष दो करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य उद्योग, आवास एवं पर्यावरण तथा अन्य विभागों को आवंटित किया गया है। जिला  स्तर पर सभी कलेक्टरों ने लक्ष्य जारी कर दिया है। योग दिवस की तैयारी के संबंध में मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में सभी आवश्यक व्यवस्था जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा - योग दिवस 21 जून के पहले वातावरण निर्माण के लिए प्रचार-प्रसार का भी व्यापक अभियान चलाया जाए। योग दिवस के कार्यक्रमों में स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों सहित आम नागरिकों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाए।
कोचियाबंदी को सफल बनाने पर कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की तारीफ
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि राज्य सरकार की नई शराब नीति के तहत कोचिया बंदी को लागू करने में सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों ने सराहनीय कार्य किया है। कोचियाबंदी को प्रदेश भर में अच्छी सफलता मिली है। उन्होंने इसके लिए इन अधिकारियों को बधाई दी। डॉ. सिंह ने कहा - इसके बावजूद हमें छत्तीसगढ़ से लगे अन्य राज्यों की सरहदों पर निगरानी रखनी होगी ताकि शराब और अन्य नशीली वस्तुओं की तस्करी ना होने पाए। डॉ. सिंह ने बैठक में लोक सुराज अभियान 2017 के दौरान की गई घोषणाओं के परिपालन के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली।
बैठक में मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, ऊर्जा विभाग और मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री एन. बैजेन्द्र कुमार, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एम.के. राउत, उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन, वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री आर.पी. मंडल, तकनीकी शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री सुब्रत साहू, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री विकासशील, वाणिज्य और उद्योग विभाग के सचिव श्री सुबोध सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह, सचिव जनसम्पर्क श्री संतोष मिश्रा, नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के विशेष सचिव डॉ. रोहित यादव, आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग की विशेष सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
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About Sanjeeva Tiwari

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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