मानसून की दस्तक के साथ ही खेती-किसानी की हलचल शुरू : बस्तर और सरगुजा इलाके में होती है धान की खुर्रा बोनी

प्रदेश में 79.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज: लगभग 36 हजार हेक्टेयर में धान की बोनी पूर्ण 
बीज और खाद का उठाव तेजी से जारी
रायपुर, 12 जून 2017
मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेश में खेती-किसानी की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। खेत-खारों में किसानों की चहल-पहल बढ़ने लगी है। मैदानी क्षेत्रों में किसान एक ओर खरीफ फसलों की बोनी के लिए खेतों और मेड़ों की साफ-सफाई का काम शुरू कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के वनांचलों में धान की खुर्रा बोनी तेजी से चल रही है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से खाद और बीज के उठाव में गति आ गई है।
कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर, रायगढ़ और सरगुजा अंचल में धान की खुर्रा बोनी अधिक होती है। अन्य क्षेत्रों के जंगली इलाकों में भी कहीं-कहीं इसी पद्धति से धान की की खेती की जाती है। बस्तर और सरगुजा इलाकों के किसान मई माह के अंतिम सप्ताह से खुर्रा बोनी शुरू कर देते हैं। मानसून की एक बारिश से धान की बीज अंकुरित होने लगते हैं। श्री अग्रवाल ने बताया कि राज्य शासन के कृषि विभाग ने चालू खरीफ मौसम में लगभग 48 लाख हेक्टेयर रकबे में अनाज, दलहनी और तिलहनी फसलों की खेती करने का कार्यक्रम बनाया है। प्रदेश में मानसून पूर्व की बारिश के बाद धान की बोआई शुरू हो गई है। आज 12 जून की स्थिति में प्रदेश में लगभग 36 हजार हेक्टेयर रकबे में धान की बोआई पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस साल अभी तक प्रदेश में 79.3 मिलीमीटर औसत वर्षा हो गई है। सबसे अधिक 255 मिलीमीटर औसत वर्षा राजनांदगांव जिले में दर्ज की गई है। श्री अग्रवाल ने बताया कि 10 जून तक किसानों को लगभग दो लाख 36 हजार 330 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। इसमें अनाज फसलों के अलावा दलहन और तिलहन फसलों के बीज शामिल हैं। इसी प्रकार 11 जून की स्थिति में किसानों ने लगभग दो लाख 51 हजार 503 मीटरिक टन यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी खाद का उठाव कर लिया है। श्री अग्रवाल ने यह भी बताया कि सिंचाई साधन वाले किसान लगभग पांच हजार हेक्टेयर में धान का थरहा डाल चुके हैं। थरहा बढ़ने के बाद लगभग पचास हजार हेक्टेयर में रोपाई की जाएगी।
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About Sanjeeva Tiwari

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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