राज्य में 15 अगस्त तक नदी-नालों, सिंचाई तालाबों और जलाशयों में मछली पकड़ना प्रतिबंधित


  • मछली पालन संचालनालय द्वारा सूचना जारी
  • बंद ऋतु के नियमों का उल्लंघन करने पर 
  • कारावास और आर्थिक दंड का प्रावधान

रायपुर, 16 जून 2017/ बारिश के मौसम में मछलियों की वंशवृद्धि (प्रजनन) को देखते हुए आज 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। राज्य शासन के मछलीपालन संचालनालय द्वारा मछलियों को संरक्षण देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम 1972 की धारा-3, उपधारा-2 (दो) के तहत बंद ऋतु में मछली पकड़ने या मारने पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र (संशोधित) अधिनियम के नियम-3 (पांच) के अंतर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा पांच हजार रूपए का जुर्माना अथवा दोनों सजा एक साथ देने का प्रावधान है। 
मछली पालन संचालनालय द्वारा इस संबंध में यहां नया रायपुर स्थित इंद्रावती भवन से जारी सूचना के अनुसार बंद ऋतु अवधि में प्रदेश के सभी नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई जलाशय या तालाब (बड़े या छोटे) बनाए गए हैं, मछली पकड़ना या मारना बंद रहेगा। ऐसे तालाबों और जलाशयों में विकसित केज कल्चर में यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्वयं की जमीन पर बनाये गए तालाबों में मत्स्याखेट की मनाही नहीं रहेगी, जबकि गांवों के तालाबों में यह प्रतिबंध लागू होगा। ऐसे छोटे तालाब या जलस्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, उन पर भी बंद ऋतु में मत्स्याखेट बंद नहीं रहेगा।  
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About Sanjeeva Tiwari

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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